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एनसीओआरडी की 10वीं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

देहरादून। सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में एनसीओआरडी की 10वीं राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में नशे के विरुद्ध समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने जनपदवार एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत अभियोगों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी मामलों में विवेचना एवं सशक्त पैरवी प्रभावी ढंग से की जाए, ताकि नशे में संलिप्त पेडलरों को अधिकतम सजा दिलाई जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में 546  लंबित प्रकरणों पर दो माह के भीतर चार्जशीट दायर कर निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी पौड़ी को कोटद्वार में नशा मुक्ति केंद्र हेतु उपयुक्त भवन चिन्हित कर तत्काल संचालन प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।  उन्होंने  इसके लिए सिडकुल अथवा पर्यटन विभाग के उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग से नशा मुक्ति केंद्र संचालित करने के लिए समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि राज्य के सभी जनपदों के अस्पतालों में 5 से 10 बेड डी-एडिक्शन सेंटर हेतु आरक्षित किए जाएं। इसके लिए कोविड-19 अवधि के दौरान विकसित उपलब्ध इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग पर भी बल देने को कहा। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग, एसटीएफ एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी स्कूलों, कॉलेजों एवं उच्च शैक्षणिक संस्थानों में आउटकम आधारित जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राज्य एवं जनपद स्तर पर एंटी ड्रग क्लब को सक्रिय करते हुए अनुभवी एनजीओ एवं नागरिक समाज को सहभागी बनाकर बेहतर इम्प्लीमेंटेशन प्लान तैयार करने  को कहा। नशे से प्रभावित व्यक्तियों के पुनर्वास, जागरूकता एवं मुख्यधारा में लाने हेतु विशेष फोकस के साथ विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने ड्रग डिटेक्शन किट का टेस्टिंग हेतु  व्यापक उपयोग, चिन्हित हॉटस्पॉट्स पर विशेष निगरानी तथा निजी संस्थानों को ड्रग डिटेक्शन से संबंधित डेटा साझा करने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनफोर्समेंट की कड़ी कार्रवाई के साथ उसका धरातल पर प्रभाव भी दिखना चाहिए। मुख्य सचिव ने सभी विभागों, एजेंसियों एवं स्टेकहोल्डर्स को गंभीरता एवं बेहतर समन्वय के साथ  परिणामोन्मुख दृष्टिकोण के आधार पर छब्व्त्क् के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में उत्तराखंड पुलिस एवं एसटीएफ द्वारा नशे के विरुद्ध किए गए प्रयासों एवं अब तक की गई कार्रवाई का प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस दौरान बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, रंजीत सिन्हा व रविनाथ रामन, पुलिस महानिरीक्षक के एस नगन्याल, विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती, अजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो से उप महानिदेशक ए पी तिवारी तथा सभी जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।

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