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चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव की मांग

देहरादून। उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2026 इस बार 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। दरअसल, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाने की संभावना है। ऐसे में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही देवभूमि के चारधाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। वर्तमान समय में उत्तराखंड चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं को बेहतर और दुरुस्त किए जाने की कवायद चल रही है। इसी क्रम में बीते दिन गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा से जुड़े स्टेकहोल्डर (हितधारक) की महत्वपूर्ण बैठक की गई थी।
उत्तराखंड चारधाम यात्रा की तैयारियां जोरों शोरों पर चल रही है। खास बात यह है कि सभी संबंधित विभाग अपनी-अपनी तैयारी को दुरुस्त करने की कवायद में जुटे हुए हैं, ताकि देश के तमाम हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जा सके। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय हो गई है, जिसके तहत 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे तो वहीं 22 अप्रैल को पूरे विधि विधान के साथ बाबा केदारनाथ धाम की कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके दृष्टिगत लगातार बैठकों का दौर भी जारी है।
सोमवार 16 फरवरी को ऋषिकेश में हुई बैठक के दौरान चारधाम यात्रा से जुड़े स्टेकहोल्डर (हितधारक) ने इस बात पर जोर दिया था कि चारधाम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पर फीस लगाई जाए। ताकि गलत लोग यात्रा में शामिल न हो सकें। इसकी एक मुख्य वजह यह भी है कि तमाम लोग होटल में रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर कमरा बुक कर लेते हैं, लेकिन वो यात्रा के दौरान वहां नहीं पहुंचते हैं। जिसके चलते होटल व्यवसायियों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। स्टेकहोल्डर की मांग को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे की ओर से रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किए जाने को लेकर गढ़वाल डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर दी है।
ऐसे में यह कमेटी चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन के लिए क्या शुल्क होना चाहिए, यह तय करेगी। ताकि श्रद्धालुओं पर अत्यधिक भार भी ना हो और गलत लोग यात्रा में शामिल न हो सकें। फिलहाल बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा की गई थी कि चारधाम यात्रा के लिए फर्जी रजिस्ट्रेशन पर लगाम लगाने के लिए कम से कम 10 रुपए का शुल्क बतौर रजिस्ट्रेशन शुल्क लिया जाना चाहिए। इस पूरे मामले पर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि कमेटी गठित कर दी गई है। ऐसे में कमेटी की रिपोर्ट आने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद रजिस्ट्रेशन शुल्क तय किया जाएगा।

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