अन्य खबरेंगढ़वाल मंडल

चमोली जिले को जैविक जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

चमोली। सांसद अनिल बलूनी ने शुक्रवार को भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के प्रतिनिधि सीबी सिंह, जिलाधिकारी गौरव कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी एवं मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी. तिवारी की उपस्थिति में जनपद चमोली में जैविक कृषि को बढ़ावा दिए जाने के साथ जनपद को अग्रणी जैविक जिलों के रूप में बनाये जाने की दिशा में बैठक आयोजित की। बैठक में जैविक खेती के विस्तार, प्रमाणीकरण एवं जैविक उत्पादों के विपणन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी. तिवारी ने अवगत कराया कि जनपद चमोली का कुल संभावित जैविक क्षेत्रफल 38,846 हेक्टेयर है, जिसमें वर्तमान में 17,334 हेक्टेयर क्षेत्रफल पीजीएस एवं एनपीओपी प्रमाणीकरण के अंतर्गत आच्छादित किया जा चुका है। इसके अंतर्गत वर्तमान में 39,743 कृषक जैविक खेती से जुड़े हुए हैं।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान समय में जैविक कृषि की मांग देश एवं विदेश दोनों स्तरों पर तेजी से बढ़ रही है। रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को देखते हुए जैविक खेती एक सुरक्षित एवं टिकाऊ विकल्प के रूप में उभर रही है। पर्वतीय क्षेत्रों की जलवायु एवं पारंपरिक कृषि पद्धति चमोली को जैविक कृषि के लिए विशेष रूप से अनुकूल बनाती है। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि चमोली जनपद के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों जैसे श्रीअन्न, माल्टा, कूट-कुटकी, सी-बकथॉर्न, बुरांश एवं अन्य जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। इससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा तथा उनकी आय एवं आजीविका में वृद्धि होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करने, तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उत्पादों के विपणन एवं निर्यात की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु समन्वित कार्यवाही की जाए, ताकि चमोली जनपद को प्रदेश के अग्रणी जैविक जिलों के रूप में स्थापित किया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button