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सीएम धामी के अनुमोदन के साथ होगी नियुक्ति

देहरादून। उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों को लंबे समय से चली आ रही कामचलाऊ प्रबंध निदेशक व्यवस्था से जल्द राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल), उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) और पावर ट्रांसमिशन कॉर्पाेरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) में स्थायी प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को लगभग अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। शासन स्तर पर साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब फाइलें मुख्यमंत्री के अनुमोदन के लिए भेजी जा रही हैं, जिसके बाद इन महत्वपूर्ण पदों पर स्थायी नियुक्तियों का रास्ता साफ हो जाएगा। ऊर्जा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि साक्षात्कार की प्रक्रिया को पूरा किया जा चुका है और अब जल्द इस पर आगे की प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े इन तीनों निगमों में लंबे समय से प्रबंध निदेशक और निदेशक स्तर के पदों पर अस्थायी व्यवस्थाओं के जरिए कामकाज चलाया जा रहा था। ऐसे में लगातार यह सवाल उठ रहे थे कि आखिर राज्य सरकार इन अहम पदों पर स्थायी अधिकारियों की नियुक्ति कब करेगी। अब शासन द्वारा चयन प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन निगमों को पूर्णकालिक नेतृत्व मिल जाएगा।शासन ने तय कार्यक्रम के अनुसार प्रबंध निदेशक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किए। सचिवालय में आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित चयन समिति के समक्ष उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की। चयन समिति ने उम्मीदवारों की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी अनुभव, प्रबंधन कौशल और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अनुभव के आधार पर उनका मूल्यांकन किया।
राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में प्रबंध निदेशक पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इन पदों के लिए कुल 18 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान 16 उम्मीदवारों के आवेदन और दस्तावेज निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जिसके बाद उन्हें साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया। हालांकि निर्धारित तिथि पर केवल 14 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे।चयन समिति द्वारा साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी कर लिए जाने के बाद अब अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण मुख्यमंत्री स्तर पर अनुमोदन का है। शासन के चयन समिति अपनी संस्तुतियां सरकार को सौंप चुकी है और अब अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद लिया जाएगा।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री स्तर पर मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही तीनों निगमों के नए प्रबंध निदेशकों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।ऊर्जा निगमों में स्थायी नेतृत्व की नियुक्ति को लेकर लंबे समय से कर्मचारियों की ओर से भी मांग उठाई जा रही थी। उनका मानना था कि अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे अधिकारियों के सामने कई बार दीर्घकालिक योजनाओं को लागू करने और महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेने में व्यावहारिक चुनौतियां सामने आती हैं। वहीं स्थायी प्रबंध निदेशक की नियुक्ति से निगमों को स्पष्ट दिशा और जवाबदेही के साथ काम करने में मदद मिलेगी।उत्तराखंड जैसे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है क्योंकि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास योजनाओं में जल विद्युत परियोजनाओं और बिजली वितरण व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ऐसे में यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल जैसे निगमों का प्रभावी और मजबूत नेतृत्व राज्य के ऊर्जा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।स्थायी प्रबंध निदेशकों की नियुक्ति के बाद ऊर्जा उत्पादन, बिजली वितरण, ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर तेजी से निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके साथ ही निगमों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और भविष्य की परियोजनाओं को गति देने में भी मदद मिलेगी।फिलहाल सभी की निगाहें मुख्यमंत्री स्तर पर होने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। यदि अनुमोदन प्रक्रिया जल्द पूरी होती है तो आने वाले दिनों में उत्तराखंड के ऊर्जा निगमों को नए प्रबंध निदेशक मिल जाएंगे और लंबे समय से चली आ रही कामचलाऊ व्यवस्था का अंत हो जाएगा। इससे न केवल निगमों के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती मिलेगी बल्कि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में भी नए बदलाव और सुधार की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।

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