ट्रेंचिंग ग्राउंड की जगह बनेगा आधुनिक सिटी पार्क

देहरादून। सहस्त्रधारा रोड स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड को जल्द ही एक आधुनिक और सुविधायुक्त सिटी पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने एमडीडीए को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस स्थल को सिटी फॉरेस्ट पार्क की तर्ज पर विकसित किया जाए, ताकि शहरवासियों को एक नया हरित और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिल सके।
सचिवालय में आयोजित बैठक में सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउंड पार्क के प्रस्तावित लेआउट का प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्य सचिव ने प्रस्तुति का अवलोकन करते हुए नगर निगम आयुक्त नमामि बंसल को निर्देश दिए कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में पड़े कचरे का यथाशीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्क निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले इस क्षेत्र को पूरी तरह स्वच्छ और व्यवस्थित किया जाना जरूरी है।
बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर की लगातार बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए आधुनिक और सुव्यवस्थित पार्कों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। ऐसे पार्क न केवल लोगों को स्वच्छ वातावरण और मनोरंजन का अवसर देंगे, बल्कि शहर की पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रस्तावित पार्क में आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएगी।
इनमें ओपन जिम, जॉगिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक, मल्टीपरपज हॉल, वॉलीबॉल और बैडमिंटन कोर्ट, कैफेटेरिया, ओपन थियेटर तथा योग और मेडिटेशन के लिए विशेष स्थल शामिल होंगे। उद्देश्य यह है कि पार्क हर आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी और आकर्षक बने। मुख्य सचिव ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि पार्क निर्माण में सीमेंट और कंक्रीट का उपयोग न्यूनतम रखा जाए, ताकि हरित क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना बनी रहे। उन्होंने ग्राउंड वाटर रिचार्ज की व्यवस्था पर भी जोर दिया और सुझाव दिया कि वाटर फाउंटेन जैसी व्यवस्थाएं इस तरह विकसित की जाए, जिससे भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिले। इस पूरी प्रक्रिया में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन हो सके।
मुख्य सचिव ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को निर्देशित किया कि पार्क के लेआउट को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए और विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू की जाए। साफ है कि सरकार इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहती है।यदि यह योजना तय समय में धरातल पर उतरती है, तो सहस्त्रधारा ट्रेंचिंग ग्राउंड, जो अब तक कचरे के ढेर के रूप में जाना जाता था, भविष्य में देहरादून का एक प्रमुख हरित और आधुनिक सार्वजनिक स्थल बन सकता है।



