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चम्पावत संस्कृति, आस्था व प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगमः धामी

देहरादून। उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक माँ पूर्णागिरि मेले का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने माँ पूर्णागिरि से प्रदेशवासियों एवं देशभर से आए श्रद्धालुओं के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसके कण-कण में दिव्यता समाई हुई है। उन्होंने कहा कि यह मेला ऐसे समय आयोजित होता है जब मौसम सुहावना हो जाता है और प्रकृति स्वयं तीर्थयात्रियों का स्वागत करती प्रतीत होती है।
मुख्यमंत्री ने पूर्णागिरि मेले को वर्षभर संचालित करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि धाम को स्थायी एवं आधुनिक संरचनाओं से सुसज्जित किया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या के अनुरूप बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। उन्होंने कहा कि चम्पावत संस्कृति, आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है तथा इसे बुनियादी सुविधाओं से सशक्त करना सरकार का लक्ष्य है। श्रद्धालुओं से उन्होंने जनपद के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की भी यात्रा करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन सुगम बनाया जाए तथा स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, बेहतर धर्मशाला व्यवस्था और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रद्धालु यहाँ से अच्छा अनुभव लेकर जाए और मेले की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाए।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पूर्णागिरि धाम के आसपास स्थित प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को जोड़कर एक विशेष पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा। इससे न केवल मेले को 12 माह संचालित करने के लक्ष्य को बल मिलेगा बल्कि पूरे जनपद में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। टनकपुर बस स्टेशन को 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आईएसबीटी के रूप में विकसित किया जाएगा। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत कुमाऊँ के प्रमुख मंदिरों का सौंदर्यीकरण एवं मार्गों का चौड़ीकरण किया जाएगा। पूर्णागिरि क्षेत्र में संचार व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी तथा धाम में रोपवे निर्माण कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने बताया कि श्यामलाताल झील के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और क्षेत्र को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य हो रहा है। टनकपुर में 38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के बाद राफ्टिंग गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिला है जिससे क्षेत्र श्रद्धा के साथ-साथ साहसिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बन रहा है।
इस अवसर पर सांसद अजय टम्टा ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में गिना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने मेले के शुभारंभ पर विभिन्न संपर्क मार्गों के निर्माण, मेला स्थलों के सौंदर्यीकरण, भव्य प्रवेश द्वार निर्माण, आंतरिक मार्गों, विश्राम शेड एवं पुलिया निर्माण सहित कई घोषणाएं कीं और जिला प्रशासन को इन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शुभारंभ अवसर पर जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, मेला समिति पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का एक परिसर चम्पावत में स्थापित किया गया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जनपद में शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए व्यापक कार्य किए जा रहे हैं। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का एक परिसर चम्पावत में स्थापित किया गया है, जहाँ आईटी लैब एवं महिला छात्रावास का निर्माण किया गया है। जिला मुख्यालय में 55 करोड़ रुपये की लागत से साइंस सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। लोहाघाट में 237 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कार्य प्रगति पर है तथा 16 करोड़ रुपये से पॉलिटेक्निक कॉलेज का नया भवन तैयार हो चुका है। जिला चिकित्सालय में 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किया गया है तथा 28 करोड़ रुपये से इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान का भवन निर्माण पूर्ण हो चुका है।



