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धामी ने किया कैंचीधाम बाईपास का स्थलीय निरीक्षण

नैनीताल। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान कैंचीधाम बाईपास का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग का कार्य पूर्ण कर इसे यातायात के लिए खोला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कैंचीधाम बाईपास के निर्माण से वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने बताया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिस पर 12 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की गई है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग का कार्य 5 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारें एवं अन्य आवश्यक कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं।
परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाईपास के पूर्ण होने से कैंचीधाम में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी, साथ ही पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क तथा इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर बने 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनकी सुरक्षा और कल्याण को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और वे भविष्य में भी उत्तराखंड आना चाहेंगे।

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