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जवाब नहीं इस पहाड़ी दाल का…इस रोग की अचूक दवा का भी करती है काम

देहरादून: दालें तो आपने बहुत सी खाई होंगी लेकिन उत्तराखंड में पहाड़ की गहत की दाल जिसे स्थानीय घौत की दाल भी कहते हैं, उसका स्वाद सबसे जुदा है। गहत (घौत) की दाल, पहाड़ की दालों में अपनी विशेष तासीर के कारण खास स्थान रखती है। यह दाल गुर्दे के रोगियों के लिए अचूक दवा मानी जाती है।

उत्तराखंड में 12,319 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इसकी खेती की जाती है। पहाड़ में सर्द मौसम में गहत (घौत) की दाल लजीज मानी जाती है। प्रोटीन तत्व की अधिकता से यह दाल शरीर को ऊर्जा देती है, साथ ही पथरी के उपचार की औषधि भी है। आपको बता दें कि गर्म तासीर के कारण ठण्डे मौसम में इसकी दाल गुणकारी मानी जाती है और सर्दियों में ज्यादातर इस्तेमाल होती है।

स्‍वाद एवं पौष्टिकता से लबरेज पहाड़ की एक ऐसी दाल, जो औषधीय गुणों से भरपूर तो है ही, इससे अनेक प्रकार के लजीज व्यंजन भी तैयार होते हैं।

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