रुद्रनाथ ट्रेक पर अब दोपहर 2 बजे बाद नहीं मिलेगी एंट्री, प्रशासन का फैसला

देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र रुद्रनाथ मंदिर यात्रा मार्ग पर इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। लगातार बढ़ रही यात्रियों की संख्या के चलते यात्रा मार्ग पर ठहरने और भोजन की व्यवस्थाएं पूरी तरह दबाव में आ गई हैं। मंदिर क्षेत्र से लेकर ल्वींठी, पुंग और पनार बुग्याल जैसे प्रमुख पड़ावों तक सीमित संसाधनों के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह हो गई कि कई श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ी। यात्रा मार्ग पर उपलब्ध टेंट और विश्राम स्थलों की क्षमता कम पड़ने लगी है। जानकारी के अनुसार, पूरे ट्रेक रूट पर करीब 200 श्रद्धालुओं के ठहरने की ही व्यवस्था उपलब्ध है, जबकि पिछले दो दिनों में इससे कहीं अधिक संख्या में यात्री रुद्रनाथ धाम की ओर रवाना हुए।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग की ओर से यात्रा को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। यात्रा के मुख्य प्रवेश स्थल सगर गांव में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों और वन कर्मियों ने यात्रियों को सीमित सुविधाओं की जानकारी देते हुए आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की, लेकिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा जारी रखने पर अड़े रहे और ट्रेक पर निकल पड़े।
रविवार देर शाम तक ल्वींठी बुग्याल में 250 से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए, जबकि वहां करीब 100 लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था ही उपलब्ध थी। जगह कम पड़ने पर कई यात्रियों ने खुले में अलाव जलाकर रात गुजारी। हालांकि मौसम साफ रहने से किसी बड़ी परेशानी की स्थिति नहीं बनी। इसी तरह पनार और पुंग बुग्याल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुके रहे। यात्रा पर गए कई श्रद्धालुओं ने बताया कि ट्रेक मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ दिखाई दे रही है। भोजन, पानी और ठहरने की सीमित व्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। देर शाम तक श्रद्धालुओं के लगातार आगे बढ़ने से व्यवस्थाएं पूरी तरह दबाव में आ गईं।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले दो दिनों में सैकड़ों श्रद्धालु रुद्रनाथ यात्रा पर रवाना हुए हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी शुरू कर दी गई हैं। ल्वींठी बुग्याल में अतिरिक्त टेंट भेजे गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोलीखर्क और पुंग बुग्याल में भी नए टेंट लगाए गए हैं, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती भी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि अब दोपहर दो बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु को सगर गांव से आगे रुद्रनाथ ट्रेक पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सीमित संसाधनों और खराब मौसम की संभावनाओं को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रतिदिन तय संख्या से अधिक यात्रियों को ट्रेक पर नहीं भेजा जाएगा, ताकि यात्रा मार्ग पर सुरक्षा और व्यवस्थाएं बनाए रखी जा सकें। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और व्यवस्थाओं की जानकारी जरूर लें तथा निर्धारित समय का पालन करें। रुद्रनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है।



