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ज्ञानसू और बसूंगा के जंगलों में धधकी भीषण आग

उत्तरकाशी। जनपद मुख्यालय के समीप नगर क्षेत्र के ज्ञानसू और बसूंगा गांव के जंगलों में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तेज गर्मी और चीड़ के सूखे जंगलों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे आसपास की बस्तियों, गौशालाओं और आश्रमों पर खतरा मंडराने लगा है। सूचना मिलते ही वन विभाग, अग्निशमन विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
पिछले तीन दिनों से जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और सूखे मौसम के चलते जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। बाड़ाहाट रेंज के अंतर्गत ज्ञानसू और बसूंगा क्षेत्र के जंगलों में चीड़ की सूखी पत्तियों ने आग को और भयावह बना दिया है। पहाड़ी ढलानों और घने जंगलों के बीच आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं, जबकि धुएं के गुबार से आसपास का वातावरण प्रभावित हो गया है। वन विभाग के कर्मचारी और अग्निशमन दल ज्ञानसू-साल्ड मोटर मार्ग के आसपास फायर लाइन बनाकर आग को बस्ती की ओर बढ़ने से रोकने में जुटे हुए हैं।
अधिकारियों के अनुसार जंगल के भीतर आग इतनी भीषण हो चुकी है कि कई स्थानों पर पेड़ों के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं जोगड़ गांव में स्थित आश्रम के आसपास भी खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। आग की तेजी से फैलती लपटों के कारण वरुणावत पर्वत स्थित ज्ञानजा गांव के ग्रामीणों की गौशालाओं पर भी संकट गहरा गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई लोग अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे हैं। स्थानीय लोग भी वन विभाग और अग्निशमन टीमों के साथ मिलकर आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं।
ड़ाहाट वन रेंज अधिकारी मुकेश रतूड़ी ने बताया कि ज्ञानसू और बसूंगा क्षेत्र में आग पर नियंत्रण पाने के लिए वन विभाग की अलग-अलग टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि चीड़ के जंगलों में गिरी सूखी पत्तियों के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे चुनौंती और बढ़ गई है। अग्निशमन विभाग की टीमें भी लगातार मौके पर डटी हुई हैं और आग को आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकने के प्रयास जारी हैं।


