उत्तराखंड में 28 मई को होगी बकरीद की छुट्टी, आदेश जारी

देहरादून। प्रदेश में ईद-उल-जुहा यानी बकरीद की छुट्टी को लेकर नया आदेश जारी किया है। शासन के सचिव राजेश कुमार ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि 27 मई की घोषित छुट्टी को बदलकर अब 28 मई 2026 कर दिया है। वहीं उत्तराखंड शासन की ओर से संशोधित आदेश जारी किया गया है। समूचे प्रदेश में ये संशोधित सार्वजनिक अवकाश प्रभावी रहेगा। जिसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 28 मई को बकरीद की छुट्टी सरकारी कार्यालय, स्कूल, कॉलेज, बैंक, कोषागार (ट्रेजरी) और उप-कोषागार में प्रभावी रहेगी।
गौर हो कि उत्तराखंड में बकरीद का अवकाश 28 मई को रहेगा, जबकि पूर्व में ये अवकाश एक दिन पहले 27 मई को घोषित किया गया था। जिसके बाद शासन ने अवकाश की तिथि में बदलाव किया है। शासन के सचिव राजेश कुमार ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि 27 मई की घोषित छुट्टी को बदलकर अब 28 मई 2026 कर दिया है। वहीं उत्तराखंड सरकार ने लोगों को सार्वजनिक रास्तों या सड़कों पर नमाज ना पढ़ने की अपील की है। उल्लंघन करने कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
बीते दिन सीएम धामी ने कहा कि नमाज पढ़ने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है, लेकिन नमाज चिन्हित स्थलों पर ही होनी चाहिए, जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सीएम धामी ने कहा कि देवभूमि में सड़कों पर नमाज नहीं होने देंगे। किसी भी धार्मिक गतिविधि के नाम पर आम लोगों की आवाजाही बाधित नहीं होने दी जाएगी। उत्तराखंड में कानून सर्वाेपरि है और कोई भी व्यक्ति या समूह नियमों से ऊपर नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने और सड़कों को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि किसी भी धार्मिक गतिविधि से सड़कें, यातायात और आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। वहीं उत्तराखंड शासन के आदेश के बाद बकरीद पर 28 मई को सभी जगहों पर आधिकारिक अवकाश रहेगा।
हल्द्वानी में पुलिस और प्रशासन ने की बैठक
हल्द्वानी में आगामी ईद पर्व को लेकर पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, मुस्लिम समाज के गणमान्य लोगों और विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सड़क, सार्वजनिक स्थानों और खुले इलाकों में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी करने पर भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने कहा कि शासन के निर्देशों का हर हाल में पालन कराया जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि ईद की नमाज केवल निर्धारित ईदगाहों और चिन्हित स्थानों पर ही अदा की जाएगी। समाज के लोगों ने सभी से आपसी भाईचारा बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।



