शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई ईद उल अजहा की नमाज

देहरादून। ईद उल अजहा (बकरीद) के त्योहार पर देहरादून व हरिद्वार सहित प्रदेश के सभी ईदगाहों व मस्जिदों में शांति, भाईचारे और उल्लास के साथ ईद की नमाज अदा की गई। हरिद्वार स्थित दारुल उलूम रशीदिया मदरसे में भी मुस्लिम धर्म के हजारों लोगों ने ईद की नमाज पढ़कर देश में अमन शांति और तरक्की की दुआ मांगी। कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज पढ़ी गई. सभी ईदगाहों के बाहर पुलिस बल की तैनाती रही। देहरादून की तीनों ईदगाह में भारी संख्या में लोगों ने ईद की नमाज अदा की।
हरिद्वार जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद उल अजहा का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर सभी स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। खासकर संवेदनशील इलाकों में खास सतर्कता बरती गयी। खुद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कई क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों को सख्ती से ड्यूटी करने और अलर्ट रहने के निर्देश दिए। इससे पूर्व में कई थानों और कोतवालियों क्षेत्रों में शांति बैठकें आयोजित की गई थी।
हरिद्वार जिले की विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे। नमाज के दौरान देश में अमन शांति, खुशहाली और आपसी भाईचारे की दुआ मांगी गई। पुलिस प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। ज्वालापुर स्थित मदरसा दारुल उलूम रशीदिया में भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद की नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और समाज में प्रेम, भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया।
इस दौरान मदरसे के प्रबंधक मोहम्मद आरिफ ने कहा कि देश की तरक्की और समाज की मजबूती के लिए आपसी भाईचारा सबसे जरूरी है। सभी धर्मों का सम्मान करते हुए त्योहार मनाने चाहिए। आपस में मिल जुलकर रहने से ही देश आगे बढ़ सकता है। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि, कहीं पर भी अवैध तरीके से कुर्बानी न की जाए। प्रशासन द्वारा बनाए गए नियमों के अनुसार ही कुर्बानी दी जाए। कहीं पर भी ऐसी स्थिति पैदा न हो, जिससे आपसी सौहार्द खराब हो।
मदरसा दारुल उलूम रशीदिया के प्रबंधक मौलाना मोहम्मद आरिफ ने इस्लामी धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी के बयान का समर्थन किया और कहा कि गाय को कौमी जानवर यानी राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और इस पर सख्त कानून बनाया जाए। गाय के साथ क्रूरता और बेचने वालों को मुजरिम बनाकर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान हो। यदि गाय को कौमी जानवर घोषित कर दिया जाए तो देश में गाय को लेकर आपस में फैला विवाद और तनाव समाप्त हो जाएगा।



