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हलाला मामले में पहली बार उत्तराखण्ड में चार्जशीट दाखिल
देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद हलाला से जुड़ा पहला मामला अब कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच गया है। जनपद हरिद्वार के बुग्गावाला थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी है। हालांकि, अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं होने के कारण यह कार्रवाई नहीं की गई।
करीब दो महीने पहले एक महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में हलाला जैसी कुप्रथा को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने इस मामले में समान नागरिक संहिता के तहत कार्रवाई की है। इससे संबधित धाराएं हलाला जैसी प्रथाओं को प्रतिबंधित और दंडनीय बनाती हैं। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115(2) और धारा 85 को भी केस में शामिल किया गया है। मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 की धारा 3 और 4 के तहत तीन तलाक से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं। वहीं, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 भी मुकदमे में जोड़ी गई हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रुड़की की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस मामले में मुख्य आरोपी शौहर, उसके पिता समेत तीन अन्य नाम भी आरोपियों में शामिल किए गए हैं।



