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एसआईआर जागरूकता अभियान की अधूरी तैयारी देखकर बिफरे डीएम आशीष चौहान

देहरादून। एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जिला स्तर पर जन जागरूकता भी की जा रही है, लेकिन देहरादून में एसआईआर के एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा कुछ हुआ कि जिलाधिकारी आशीष चौहान यहां मौजूद अधिकारियों पर बिफर पड़े।
बता दें कि चुनाव आयोग प्रदेशभर में एसआईआर पर होमवर्क करने में जुटा हुआ है। इस दौरान जहां पहले ही आधिकारिक रूप से औपचारिकताओं को पूरा किया जा चुका है, तो वहीं अब विशेष गहन पुनरीक्षण के काम को आगे बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर भी काम शुरू कर दिया गया है।
खास बात ये है कि इस दौरान एसआईआर के लिए महत्वपूर्ण कड़ी जन जागरूकता को भी जिला स्तर के अधिकारियों की ओर से तमाम तरीकों से किया जा रहा है। ताकि, आम लोग इसके बारे में जान सके और इस काम में सहयोग भी करें। देहरादून में भी जन जागरूकता से जुड़े ऐसे ही एक कार्यक्रम को लेकर आईटी पार्क के पास तमाम अधिकारी इकट्ठा हुए और यहां से जन जागरूकता फैलाने वाले वाहन को तैयार किया गया।
कार्यक्रम के अनुसार जिलाधिकारी आशीष चौहान को हरी झंडी दिखाकर इस वाहन को रवाना करना था, जिसके जरिए देहरादून में प्रचार प्रसार का काम किया जाना था। तय समय पर कार्यक्रम शुरू भी हुआ और जिलाधिकारी आशीष चौहान भी इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए आईटी पार्क के पास मौजूद कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन जैसे ही जिलाधिकारी आशीष चौहान कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे उनका पारा चढ़ गया। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर अधूरी तैयारी को लेकर अपनी नाराजगी जताई। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों के साथ बेहद प्यार से अपनी नाराजगी को जाहिर किया और भविष्य में इस तरह अधूरी तैयारी के साथ केवल औपचारिकता निभाने के लिए कार्यक्रम नहीं करने की हिदायत भी दी।
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने हाल ही में देहरादून जिले की कमान संभाली है और उसके बाद से ही उनकी ओर से लगातार सड़कों पर मौजूद गड्ढों से लेकर आम लोगों की समस्याओं पर भी अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसे में इस बार जिलाधिकारी ने उन अधिकारियों को भी सीधा संदेश दे दिया है, जो तमाम कार्यक्रमों या सरकार की योजनाओं को औपचारिकता भर मान लेते हैं और आधी अधूरी तैयारी के साथ ही ऐसे कार्यक्रमों में हीलाहवाली करते हैं।
इस मामले पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि अधूरी तैयारी होने के चलते उनकी ओर से अधिकारियों को स्पष्ट दिशा निर्देश दे दिए गए हैं और अब ऐसे कार्यक्रमों को पूरी तैयारी के साथ जन सहभागिता को जोड़ते हुए करने के लिए कहा गया है। बता दें कि उत्तराखंड में एसआईआर के तहत फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर इसे दुरुस्त किया जा रहा है।



