धर्म-आस्था

चारधाम के स्लॉट फुल, अग्रिम आदेश तक रोके ऑफलाइन पंजीकरण

देहरादून: प्रदेश सरकार की ओर से चारधाम में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्लाट व्यवस्था लागू की हुई है। इसके तहत आफलाइन और आनलाइन पंजीकरण अभी जारी थे। लेकिन, 25 मई तक स्लाट बुक होने के बावजूद श्रद्धालु आफलाइन पंजीकरण कराकर सीधे धामों के लिए रवाना हो रहे थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार को सभी पंजीकरण केंद्रों में आफलाइन व्यवस्था पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी।

इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की वेबसाइट पर आनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा एथिक्स इन्फोटेक कंपनी की ओर से ऋषिकेश, हरिद्वार, उत्तराखंड की सीमा सहित यात्रा मार्ग पर कुल 20 केंद्रों में आफलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। धामों में श्रद्धालुओं न बढ़े, इसके लिए स्लाट व्यवस्था भी लागू की गई है।

25 मई तक चारों धाम में दर्शनों के लिए स्लाट पूरी तरह से बुक हो गए हैं। दो दिन से सिर्फ बदरीनाथ के लिए आफलाइन पंजीकरण किए जा रहे थे। लेकिन, देखने में आ रहा था कि पंजीकरण के बाद श्रद्धालु स्लाट के अनुसार दर्शन का इंतजार किए बिना सीधे धामों के लिए रवाना हो रहे थे। इससे यात्रा मार्ग और धामों में अत्याधिक भीड़ हो रही थी।

बुधवार सुबह दस बजे तक ऋषिकेश सहित सभी 20 पंजीकरण केंद्रों में आफलाइन पंजीकरण जारी थे। लेकिन, फिर शासन की ओर से बदरीनाथ के लिए भी आफलाइन पंजीकरण अग्रिम आदेश तक रोक दिए गए। इसी के साथ सभी केंद्रों में पंजीकरण बंद हो गए। हालांकि, यात्रा प्रशासन की ओर से आनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था जारी रखी गई है।

आफलाइन पंजीकरण बंद होने के बाद ऋषिकेश केंद्र पर बनाए गए सभी 12 काउंटर में सन्नाटा पसर गया। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु केंद्र में मौजूद कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी जुटाते नजर आए। अग्रिम आदेश के बाद आफलाइन पंजीकरण खुलने की उम्मीद में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बस टर्मिनल कंपाउंड, धर्मशाला व आश्रमों में रुके हुए हैं। अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल नरेंद्र स‍िंह क्वीरियाल ने बताया कि चारधाम सहित यात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रण के लिए शासन की ओर से फिलहाल आफलाइन पंजीकरण रोका गया है।

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